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Showing posts from February, 2021

सरस्वती वंदना

 जय जय जय सरस्वती माता कृपा मिली तो गायन आवे तालु छःन्द स्वर मिश्रित गावे सुमिरन तेरा नित जो लाता विद्या बुद्धि स्वयं पा जाता ।                जय जय जय सरस्वती माता कुमति दूर कर सुमति लावो वाणी को तुम मधुर  बनाओ जो भी तुम्हारी स्तुति गाता स्वर को सदा मधुर ही पाता               जय जय जय सरस्वती माता, अध्य्यन से नित तेरा नाता लेखक कवि तुमको ही ध्याता तुम्हरे दर्श से जीवन पाता सफल मार्ग तब मिल जाता।       जय जय जय सरस्वती माता। हेमचंद्र जोशी कृपा भई सब ग्रन्थ लिखाने वेद पुराण कृपा से  आने याचक भी दाता बन जाता तेरी कृपा जो जग में पाता।           जय जय जय सरस्वती माता।

मंगलमूर्ति हे तुम्हे निवेदन

 विघ्न हरो जग के सारे तुम मंगल काज सदा तुम्ही निभाये, दुखःहर्ता तुम सुखकर्ता सब के प्रथमपूज्य पद  जग में पायो।       सत सत बन्दन नमन तुम्ही को        मंगल काज प्रथम तुमसे पायो,         सुभकार्य मे प्रथम तुम्ही हो         दर्शनमात्र सब काज निभायो। प्रथम ब्लॉग है तुम्हें समर्पित पूर्ण करो प्रभु मेरे कारज, तुमरी कृपा सुमति सब आये दुर्गम काज सुगम बन जाये।           रिद्धि सिद्धि सब तुमरी माया           बुद्धि तुम्ही से जग ने पाया,           प्रथम निमंत्रण आज तुम्हे है           पूर्ण करा दो मेरा निवेदन।                हेमजोशी