मंगलमूर्ति हे तुम्हे निवेदन

 विघ्न हरो जग के सारे तुम

मंगल काज सदा तुम्ही निभाये,

दुखःहर्ता तुम सुखकर्ता सब के

प्रथमपूज्य पद  जग में पायो।

      सत सत बन्दन नमन तुम्ही को

       मंगल काज प्रथम तुमसे पायो,

        सुभकार्य मे प्रथम तुम्ही हो

        दर्शनमात्र सब काज निभायो।

प्रथम ब्लॉग है तुम्हें समर्पित

पूर्ण करो प्रभु मेरे कारज,

तुमरी कृपा सुमति सब आये

दुर्गम काज सुगम बन जाये।

          रिद्धि सिद्धि सब तुमरी माया

          बुद्धि तुम्ही से जग ने पाया,

          प्रथम निमंत्रण आज तुम्हे है

          पूर्ण करा दो मेरा निवेदन।

       

      

हेमजोशी



       

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